दिल्ली में हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान एक छात्र की मौत होने और पुलिस द्वारा उसकी मां की शिकायत पर एफआईआर दर्ज न करने का सोशल मीडिया पर वायरल दावा पूरी तरह फर्जी पाया गया है। सरकार ने इस दावे का खंडन करते हुए लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की है।
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान किसी भी छात्र की मौत नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा वीडियो, जिसमें एक महिला को छात्र की मां बताया जा रहा है, AI तकनीक से तैयार किया गया डीपफेक वीडियो है।
PIB के अनुसार, इस तरह की सामग्री का उद्देश्य लोगों को भ्रमित करना और दुष्प्रचार फैलाना है। जांच में सामने आया कि वीडियो का वास्तविक घटनाओं से कोई संबंध नहीं है और इसे झूठी कहानी के साथ सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
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सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वायरल पोस्ट, वीडियो या संदेश पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से जरूर करें। साथ ही बिना सत्यापन के ऐसी सामग्री को आगे साझा करने से बचें, ताकि फर्जी खबरों और दुष्प्रचार पर रोक लगाई जा सके।

