नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि दुनिया भले ही अनिश्चितता और अस्थिरता के दौर से गुजर रही हो, लेकिन भारत आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति भवन में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जब विकसित भारत 2047 के संकल्प की ओर बढ़ रहा है, तब सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, संवाद और सफल नीतियों के आदान-प्रदान पर जोर देते हुए कहा कि नीति आयोग इस दिशा में महत्वपूर्ण मंच की भूमिका निभा सकता है। इससे विकास के सर्वोत्तम मॉडल पूरे देश में लागू किए जा सकेंगे और सामूहिक प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
मोदी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना सरकारों की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए। उनका मानना है कि भारत की युवा शक्ति ही विकसित भारत की यात्रा की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवाओं को बेहतर शिक्षा, प्रशिक्षण और अवसर मिलेंगे, तो देश तेजी से आर्थिक और सामाजिक प्रगति करेगा।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत ने विकास और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं। इन समझौतों से भारतीय उद्योगों के लिए नए बाजार खुलेंगे और विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार का अवसर मिलेगा। इससे रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला नेतृत्व आधारित विकास विकसित भारत की परिकल्पना का महत्वपूर्ण आधार है। आज महिलाएं कृषि, स्टार्टअप, विज्ञान, तकनीक और नवाचार सहित हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने राज्यों से महिलाओं की शिक्षा, कौशल विकास, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
बैठक में देशभर में उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास को मजबूत करने और रोजगार के स्थायी अवसर सृजित करने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस वर्ष नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक का विषय “2047 तक विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास” रखा गया है। बैठक में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और उपराज्यपाल शामिल हुए तथा विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपने सुझाव साझा किए।
