भारत की अध्यक्षता में 11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक हरियाणा के गुरुग्राम में आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के ऊर्जा मंत्री, उप मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा चुनौतियों पर चर्चा करना और ऊर्जा क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत बनाना रहा।
केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि ऊर्जा आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति और मानव कल्याण की आधारशिला है। उन्होंने विकासशील देशों के लिए सस्ती, सुरक्षित और सतत ऊर्जा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारत की ऊर्जा उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि देश की कुल बिजली उत्पादन क्षमता लगभग 540 गीगावाट तक पहुंच चुकी है। भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बिजली उत्पादक और उपभोक्ता देश बन चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि देश की कुल स्थापित क्षमता का आधे से अधिक हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से आता है।
सौर ऊर्जा क्षेत्र में भारत की प्रगति को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में लगभग 3 गीगावाट रही सौर क्षमता अब बढ़कर 154 गीगावाट से अधिक हो गई है।
बैठक के दौरान ऊर्जा सुरक्षा, स्थिरता, नवाचार, लचीले ऊर्जा बुनियादी ढांचे और क्षमता निर्माण को लेकर संयुक्त प्रतिबद्धता जताई गई। साथ ही BRICS Digital Centre of Excellence for Smart Grids and Energy Storage का शुभारंभ भी किया गया। स्मार्ट ग्रिड, ऊर्जा भंडारण और हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। यह बैठक स्वच्छ ऊर्जा, तकनीकी नवाचार और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।

