समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक सहयोग को मजबूत करने के लिए भारतीय नौसेना 20 से 23 जुलाई तक कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2’ की मेजबानी करेगी।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, चार दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय नौसेना के नेतृत्व वाले संयुक्त कार्य बल-154 द्वारा संयुक्त समुद्री बलों (CMF) के सहयोग से किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि सिम्युलेटर आधारित प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव भी दिया जाएगा। इसमें समुद्री कानून, समुद्री क्षेत्र की निगरानी, सूचनाओं का आदान-प्रदान, नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने, बलों की सुरक्षा और समुद्री मानवरहित प्रणालियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष सत्र आयोजित होंगे।
इसके अलावा प्रतिभागियों को आग लगने और जहाज को नुकसान पहुंचने जैसी आपात स्थितियों से निपटने, समुद्री संचार, समुद्र में जीवन रक्षा और संदिग्ध जहाजों पर बोर्डिंग की प्रक्रियाओं का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। भारतीय नौसेना के जहाजों पर व्यावहारिक अभ्यास भी इस कार्यक्रम का अहम हिस्सा होगा।
यह बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम अलग-अलग देशों की नौसेनाओं के बीच तालमेल, समुद्री सुरक्षा और साझा चुनौतियों से निपटने की क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

