देश में छोटे शहरों तक हवाई यात्रा को आसान और सुलभ बनाने के लिए उड़ान योजना के अगले चरण में बड़ा विस्तार किया जाएगा। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 120 नए गंतव्यों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना और अगले 10 वर्षों में चार करोड़ लोगों को यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराना है।
नई दिल्ली में उड़ान योजना के अगले चरण पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि संशोधित योजना में एयरलाइनों के लिए सहायता अवधि को तीन साल से बढ़ाकर पांच साल किया गया है। इसके साथ ही व्यवहार्यता अंतर निधि की पात्रता का दायरा भी बढ़ाया गया है।
चुनिंदा टियर-2 और टियर-3 शहरों के हवाई अड्डों के संचालन और रखरखाव के लिए भी सहायता देने की व्यवस्था की गई है। इससे छोटे शहरों में नई उड़ानें शुरू करने और क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
योजना के अगले चरण में केवल हवाई कनेक्टिविटी पर ही नहीं, बल्कि भारत में विमान निर्माण, रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (MRO) से जुड़े क्षेत्र को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस विस्तार से नए रोजगार पैदा होंगे, छोटे शहरों में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। साथ ही यह पहल विमानन क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

