सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चली अपनी भूख हड़ताल आखिरकार समाप्त कर दी। गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने अपना अनशन तोड़ा। इस दौरान उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो और लेह-लद्दाख एपेक्स बॉडी के कई वरिष्ठ प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
बताया गया कि भूख हड़ताल समाप्त करने का फैसला कई दौर की बातचीत और विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनने के बाद लिया गया। अनशन खत्म करने के बाद सोनम वांगचुक ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने की अपील की।
इससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की थी या पत्र लिखकर स्वास्थ्य को देखते हुए भूख हड़ताल समाप्त करने का अनुरोध किया था।
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सोनम वांगचुक ने पिछले महीने 28 तारीख से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर अनशन शुरू किया था। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर सोनम वांगचुक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने उनसे डॉक्टरों की सलाह का पालन करने, नियमित दिनचर्या अपनाने और जल्द से जल्द सामान्य स्वास्थ्य एवं वजन हासिल करने की अपील की। साथ ही उन्होंने ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना भी की।
