नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 को सोमवार को लोकसभा में पेश किया। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह विधेयक सदन में प्रस्तुत किया।
यह संशोधन लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में बदलाव का प्रस्ताव रखता है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों और अनुचित तरीकों पर और प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
हालांकि, विधेयक पेश होते ही सदन का माहौल गरमा गया। विपक्षी सांसदों ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए चर्चा की मांग की और जोरदार हंगामा किया।
इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि परीक्षा सुधार से जुड़ा यह विधेयक बेहद महत्वपूर्ण है और इस पर गंभीर एवं व्यापक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सभी दलों से सहयोग की अपील की, लेकिन लगातार जारी शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
इससे पहले लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष ने 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की।
उधर, राज्यसभा में भी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठा। विपक्ष ने इस विषय पर चर्चा की मांग करते हुए हंगामा किया, जिसके चलते सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।
परीक्षा सुधार और पेपर लीक जैसे मामलों पर सरकार के नए विधायी कदम को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब इस विधेयक पर संसद में विस्तृत चर्चा और आगे की प्रक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।

