नासा ने चंद्रमा पर स्थायी केंद्र बनाने की अपनी महत्वाकांक्षी योजना को लेकर बड़ा खुलासा किया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने उन रोबोटिक लैंडर्स, हॉपिंग ड्रोन और विशेष वाहनों का विवरण जारी किया है, जिन्हें भविष्य के मिशनों में चंद्रमा पर भेजा जाएगा।
नासा का लक्ष्य वर्ष 2028 तक, यानी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल समाप्त होने से पहले, अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को दोबारा चंद्रमा पर उतारना है। इसके साथ ही एजेंसी चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर एक स्थायी बेस तैयार करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
मार्च में नासा ने वर्ष 2032 तक चंद्रमा पर परमाणु और सौर ऊर्जा से संचालित स्थायी अड्डा बनाने के लिए 20 अरब डॉलर के बड़े कार्यक्रम की घोषणा की थी। इस मिशन के तहत उन्नत तकनीक वाले रोबोटिक सिस्टम, ड्रोन और परिवहन वाहनों का उपयोग किया जाएगा, जो चंद्रमा की सतह पर संसाधनों की खोज और निर्माण कार्य में मदद करेंगे।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए जेफ बेजोस की अंतरिक्ष कंपनी ब्लू ओरिजिन को इन मशीनों के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, चीन भी वर्ष 2030 तक चंद्रमा पर मानव भेजने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है, जिससे अंतरिक्ष क्षेत्र में अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है।
यह भी पढ़े; पीएम मोदी से मिलीं ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्री, हिंद-प्रशांत साझेदारी पर बड़ा जोर

