अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा सैन्य अभियान ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा के बाद वैश्विक तेल बाजार में राहत देखने को मिली है। बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 1.21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया।
हालांकि कीमतों में यह गिरावट आई है, लेकिन वैश्विक तेल बाजार में अब भी अस्थिरता बनी हुई है। मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी चिंताओं की वजह से निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय हालात पूरी तरह सामान्य होने तक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
गौरतलब है कि हालिया संघर्ष शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत तक उछाल देखा गया था। अमेरिका द्वारा सैन्य अभियान रोकने के संकेत को बाजार ने फिलहाल राहत के तौर पर लिया है, लेकिन सप्लाई और सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।
ऊर्जा बाजार के जानकारों के मुताबिक, अगर मिडिल-ईस्ट में तनाव फिर बढ़ता है या होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो तेल की कीमतों में दोबारा तेजी आ सकती है। दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं इस समय तेल बाजार की हर गतिविधि पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। यह भी पढ़े; अमरीका ने भारत को लौटाए लगभग 14 मिलियन डॉलर मूल्य के 657 पुरावशेष!

