भारतीय नागरिकों की निकासी

पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की उड़ान व्यवस्था जारी, 2,180 नागरिक सुरक्षित निकाले गए

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने हवाई यातायात और नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (गल्प) असीम महाजन ने एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि कई देशों के साथ सीमित उड़ान संचालन जारी है और यात्रियों की आवाजाही वैकल्पिक मार्गों से सुनिश्चित की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच सीमित गैर-नियमित वाणिज्यिक उड़ानें जारी हैं, और एक दिन में लगभग 95 उड़ानों के संचालन की संभावना है। इसके अलावा सऊदी अरब और ओमान से भी भारत के विभिन्न शहरों के लिए उड़ानें संचालित की जा रही हैं।

कतर के हवाई क्षेत्र के आंशिक रूप से खुलने के बाद Qatar Airways द्वारा भारत के लिए 8 से 10 उड़ानों के संचालन की उम्मीद जताई गई है। वहीं कुवैत का हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण उड़ानों को सऊदी अरब के दम्माम मार्ग से डायवर्ट किया जा रहा है। बहरीन और कुवैत से यात्रा भी सऊदी अरब के जरिए कराई जा रही है, जबकि बहरीन ने सीमित उड़ान संचालन की अनुमति दी है।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने अब तक 2,180 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की है। इन नागरिकों में छात्र और मछुआरे शामिल हैं, जिन्हें आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।

इज़राइल और इराक से यात्रा भी प्रतिबंधित हवाई क्षेत्रों के कारण वैकल्पिक मार्गों से कराई जा रही है। सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा और यात्रा को प्राथमिकता दी है। सीमित उड़ानों और वैकल्पिक मार्गों के जरिए स्थिति को संभालने की कोशिश जारी है, जबकि आगे की रणनीति हालात के अनुसार तय की जाएगी।

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