भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का एक हिस्सा शनिवार को भारतीय वायु सेना के विशेष विमान आईएल-76 ‘गजराज’ के माध्यम से नई दिल्ली से मंगोलिया भेजा गया। इन अवशेषों को वहां आयोजित एक विशेष प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे भारत और मंगोलिया के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
भारतीय वायु सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 30 मई 2026 को आईएल-76 विमान ने भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को दिल्ली से मंगोलिया पहुंचाने का महत्वपूर्ण दायित्व निभाया। वायु सेना ने इसे भारत की सांस्कृतिक कूटनीति और उसकी प्राचीन सभ्यतागत विरासत का प्रतीक बताया।
वायु सेना द्वारा साझा की गई तस्वीरों में अवशेषों के सुरक्षित परिवहन की प्रक्रिया भी दिखाई गई है। भारतीय वायु सेना ने कहा कि भगवान बुद्ध के ये पवित्र अवशेष बौद्ध जगत में ज्ञान, करुणा और आत्मज्ञान के प्रतीक के रूप में पूजनीय हैं तथा मंगोलिया के लोगों के लिए इनका विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है।
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वायु सेना के अनुसार, इन अवशेषों की प्रदर्शनी भारत और मंगोलिया के बीच सदियों पुराने आध्यात्मिक रिश्तों को और मजबूत करेगी। दोनों देशों के बीच बौद्ध धर्म की साझा विरासत एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो समय के साथ दोनों राष्ट्रों को और करीब लाने का काम करती रही है। यह पहल न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी, बल्कि भारत और मंगोलिया के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगी।

