नई दिल्ली / मोम्बासा, 12 अप्रैल 2026: भारतीय नौसेना के अग्रणी निर्देशित मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस त्रिकंद (INS Trikand) ने केन्या के मोम्बासा बंदरगाह पर अपना चार दिवसीय औपचारिक प्रवास पूरा कर लिया है। जहाज 7 अप्रैल 2026 को मोम्बासा पहुंचा था और 10 अप्रैल 2026 को अपना प्रवास समाप्त किया।
यह यात्रा दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय नौसेना की चल रही परिचालन तैनाती का हिस्सा थी। प्रवास पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन की केन्या यात्रा के साथ हुआ।

रक्षा सहयोग को नई मजबूती
जहाज पर आयोजित एक औपचारिक समारोह के दौरान वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने केन्या नौसेना के कमांडर मेजर जनरल पॉल ओवोर ओटिएनो को इंसास राइफलें और गोला-बारूद औपचारिक रूप से सौंपे। यह उपहार भारत-केन्या के बीच बढ़ते रक्षा और सैन्य सहयोग को और मजबूत करने का प्रतीक है।
विभिन्न गतिविधियां आयोजित
प्रवास के दौरान दोनों नौसेनाओं के बीच कई महत्वपूर्ण गतिविधियां हुईं, जिनमें शामिल हैं:
- छोटे हथियारों और गोला-बारूद का रखरखाव एवं प्रशिक्षण
- विजिट, बोर्ड, सर्च एंड सीजर (VBSS) संबंधी क्रॉस डेक विजिट
- सामुदायिक सेवा कार्यक्रम
- खेल प्रतियोगिताएं
- योग सत्र
- सांस्कृतिक संध्या
आईएनएस त्रिकंद के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुलकर्णी ने केन्या नौसेना बेड़े के कमांडर ब्रिगेडियर मोहम्मद शी शेमोटे से शिष्टाचार भेंट की।
भारत-केन्या संबंधों की मजबूती
भारतीय नौसेना के अनुसार, मोम्बासा बंदरगाह पर यह प्रवास भारत के ‘महासागर’ (SAGAR) दृष्टिकोण — Security and Growth for All in the Region — को दर्शाता है। इससे दोनों देशों के बीच सौहार्द, पारस्परिक सहयोग, समुद्री सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूती मिलेगी।
प्रवास समाप्त होने के बाद आईएनएस त्रिकंद आगे की परिचालन तैनाती के लिए रवाना हो गया है।
भारत और केन्या के बीच मजबूत होते समुद्री एवं रक्षा संबंध दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं, जो हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

