ईरान के संयुक्त राष्ट्र में स्थायी राजदूत अमीर सईद इरावानी (Amir Saeid Iravani) ने अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों पर लगाई गई नौसैनिक नाकाबंदी को ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन बताया है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का भी flagrante उल्लंघन करार दिया।
राजदूत इरावानी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (Antonio Guterres) और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को लिखे औपचारिक पत्र में कहा कि अमेरिका की यह कार्रवाई अवैध आक्रामकता है, जो क्षेत्रीय और वैश्विक शांति व सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है।
- ईरान के राजदूत ने पत्र में लिखा: “ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी लगाना इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का gross violation है।”
- उन्होंने कहा कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के मूल सिद्धांतों का भी गंभीर उल्लंघन है।
- नाकाबंदी से ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले समुद्री यातायात को अवरुद्ध करने का प्रयास तीसरे देशों के वैध व्यापार अधिकारों का भी हनन कर रहा है।
- इरावानी ने अमेरिका से तुरंत इस नाकाबंदी को समाप्त करने की मांग की और क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने का आह्वान किया।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 12 अप्रैल 2026 को घोषणा की थी कि 13 अप्रैल (सोमवार) से ईरान के सभी बंदरगाहों पर नाकाबंदी लागू कर दी जाएगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि शांति वार्ता विफल होने के बाद यह कदम उठाया गया है। नाकाबंदी मुख्य रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र को प्रभावित कर रही है, जो वैश्विक तेल व्यापार का महत्वपूर्ण मार्ग है।
ईरान ने इस नाकाबंदी को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताते हुए संयुक्त राष्ट्र से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।

