फ्रांस के एवियां में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई देशों के शीर्ष नेताओं के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन मुलाकातों में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक साझेदारी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात कर आर्थिक सहयोग और भविष्य की साझेदारियों को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया। नेताओं ने आपसी संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता भी जताई।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के साथ भी बैठकें कीं। इन वार्ताओं में व्यापार, तकनीक, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई ये बैठकें भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और उसकी सक्रिय कूटनीति को दर्शाती हैं। भारत लगातार दुनिया के प्रमुख देशों के साथ अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

